23 july 2026 ; Dehradun!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक में उत्तराखंड ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को लेकर अपना रोडमैप प्रस्तुत किया। बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विकास मॉडल, भविष्य की योजनाओं और आर्थिक प्रगति से जुड़े विजन डॉक्यूमेंट को देश के शीर्ष नेतृत्व के सामने रखा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड का लक्ष्य ‘विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना है। उन्होंने राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और विकास की गति को तेज करने के लिए तैयार किए गए विजन की जानकारी दी। इस रोडमैप में वर्ष 2027 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य प्रमुख रूप से शामिल है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने हिमालयी राज्यों की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार से अलग नीतिगत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिकी सेवाओं के लिए ग्रीन बोनस, आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अतिरिक्त केंद्रीय सहायता और पर्वतीय क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए विशेष प्रावधानों की मांग रखी।
सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन, कृषि, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्यों की चुनौतियां मैदानी क्षेत्रों से अलग हैं, इसलिए यहां के विकास के लिए विशेष रणनीति और संसाधनों की जरूरत है।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के विकास प्रयासों की सराहना करते हुए राज्य को आवश्यक सहयोग देने का भरोसा दिलाया। केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय के साथ उत्तराखंड को विकसित भारत के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भागीदार बनाने पर चर्चा हुई।
नीति आयोग की इस बैठक को राज्यों के विकास एजेंडे और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अहम मंच माना जा रहा है। उत्तराखंड ने इस अवसर पर अपने विकास के संकल्प और भविष्य की योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया।

