23 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) से जुड़े कथित पेपर लीक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शैक्षणिक संस्थान के एक सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र से जुड़े सवाल व्हाट्सएप के माध्यम से साझा किए गए, जिससे परीक्षा की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस के अनुसार, शैक्षणिक संस्थान शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया। इस मामले की शिकायत विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल ने प्रेमनगर कोतवाली में दर्ज कराई थी।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 316, 318(4) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद जांच के दौरान दस्तावेजी साक्ष्य एकत्र किए गए और संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए गए। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर गुरुवार को आरोपी सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया गया।
बताया जा रहा है कि जांच में व्हाट्सएप के जरिए परीक्षा से जुड़े सवाल साझा किए जाने के संकेत मिले हैं। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की भी गहन जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्रश्न किस-किस तक पहुंचे और इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका रही या नहीं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और गोपनीयता बनाए रखने की बात कही है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यदि जांच में अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पेपर लीक जैसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक मानी जाती है, ताकि भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता और छात्रों का भरोसा कायम रखा जा सके।

