21 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। मानसून के दौरान नदियों के अचानक उफान पर आने की घटनाओं को देखते हुए देहरादून पुलिस ने संवेदनशील नदी किनारे स्थित पिकनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी संभावित हादसे को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए पुलिस की निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ लापरवाही करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून के मालदेवता, गुच्चूपानी, सहस्रधारा, नयागांव और संतला देवी जैसे क्षेत्रों में हर सप्ताह बड़ी संख्या में लोग घूमने और पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। हालांकि मौसम सामान्य दिखाई देने के बावजूद पहाड़ी इलाकों में होने वाली बारिश का असर कुछ ही समय में इन नदियों पर पड़ता है। जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण नदी के बीच या किनारों पर मौजूद लोग अचानक खतरे में आ जाते हैं।
हाल ही में संतला देवी क्षेत्र में टौंस नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से सात लोग नदी के बीच बने टापू पर फंस गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि मानसून के दौरान नदी किनारे थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पिछले वर्षों में भी ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेष रूप से नयागांव क्षेत्र में आई आपदा के दौरान कई लोगों की जान चली गई थी, जबकि मालदेवता इलाके में लगभग हर मानसून में अचानक बढ़ते जलस्तर के कारण पर्यटकों और स्थानीय लोगों को रेस्क्यू करना पड़ता है। इन अनुभवों को देखते हुए इस बार पहले से ही अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
पुलिस ने सभी संबंधित थाना प्रभारियों को संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, नियमित गश्त बढ़ाने और लोगों को नदी के तेज बहाव वाले हिस्सों से दूर रहने के लिए लगातार जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पर्यटकों से अपील की गई है कि वे चेतावनी संकेतों और पुलिस के निर्देशों का पालन करें तथा मौसम की स्थिति को नजरअंदाज कर नदी में उतरने या किनारों पर अनावश्यक जोखिम लेने से बचें।
प्रशासन का मानना है कि समय रहते सतर्कता और जनजागरूकता बढ़ाकर मानसून के दौरान होने वाले नदी हादसों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।

