20 july 2026 ; Dehradun!
संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा का माहौल उस समय भावुक हो गया, जब उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री और गढ़वाल से पांच बार सांसद रहे मेजर जनरल (स्व.) भुवन चंद्र खंडूरी को सदन में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनके सार्वजनिक जीवन, सैन्य सेवा और संसदीय योगदान को याद करते हुए कहा कि मेजर जनरल खंडूरी ने राष्ट्रसेवा को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी और उनके कार्यों को सदन लंबे समय तक स्मरण करेगा।
अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सेना से लेकर राजनीति तक खंडूरी का जीवन अनुशासन, ईमानदारी और जनसेवा का उदाहरण रहा। उन्होंने उत्तराखंड के विकास और देशहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाया। उनके निधन को सार्वजनिक जीवन के लिए एक अपूरणीय क्षति बताते हुए सदन ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस दौरान राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने भी मेजर जनरल खंडूरी को अपनी राजनीतिक प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि खंडूरी का सादा जीवन, पारदर्शी कार्यशैली और जनता के प्रति समर्पण आज भी नई पीढ़ी के जनप्रतिनिधियों के लिए मार्गदर्शक है। बलूनी ने कहा कि उत्तराखंड की राजनीति में खंडूरी ने ईमानदार नेतृत्व की ऐसी मिसाल कायम की, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
मेजर जनरल बी.सी. खंडूरी भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवाएं देने के बाद सक्रिय राजनीति में आए और केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी, जिसके कारण उन्हें साफ-सुथरी छवि वाले नेताओं में गिना जाता है।
लोकसभा में दी गई इस श्रद्धांजलि ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित व्यक्तित्व समय के साथ भले ही विदा हो जाएं, लेकिन उनके आदर्श और योगदान लोकतांत्रिक संस्थाओं में हमेशा जीवित रहते हैं।

