18 july 2026 ; Dehradun!
हरिद्वार। आगामी 30 जुलाई से 11 अगस्त, 2026 तक आयोजित होने वाले कांवड़ मेला-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाने के उद्देश्य से हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन के सभागार में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने की। इसमें विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेते हुए कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं, भीड़ नियंत्रण, स्वच्छता, पेयजल, संचार व्यवस्था और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि कांवड़ मेले के दौरान सभी संबंधित राज्य साझा कार्ययोजना के तहत समन्वित तरीके से कार्य करेंगे। इसके लिए राज्यों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए उत्तराखण्ड की सीमाओं पर पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त चेक पोस्ट और बैरियर स्थापित किए जाएंगे, ताकि सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी रहे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रियों को यात्रा के प्रारंभिक प्रवेश बिंदुओं पर ही सभी आवश्यक दिशा-निर्देश, सुरक्षा मानक और प्रतिबंधों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रद्धालु को अपने साथ वैध पहचान पत्र रखने के लिए जागरूक किया जाए तथा किसी भी प्रकार के घातक हथियार या प्रतिबंधित सामग्री के साथ यात्रा में प्रवेश पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान अनुशासन और सुरक्षित यात्रा का संदेश व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाए। इसके लिए प्रमुख संतों और धार्मिक गुरुओं के संदेशों को विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सेवाओं और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके अलावा प्रमुख स्थानों पर साइनेज लगाकर यात्रा मार्ग, पार्किंग स्थल और यातायात डायवर्जन संबंधी जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेस-वे) का उपयोग कांवड़ यात्रा के लिए नहीं किया जाएगा। इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू कराने के लिए दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को समय रहते आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए बैठक में अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने की रणनीति भी तय की गई। मुख्य सचिव ने सभी राज्यों के सोशल मीडिया सेल और साइबर इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री का तत्काल तथ्यात्मक खंडन किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
रेलवे अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया कि कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष ट्रेनों का संचालन, रेलवे स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जाए, जिससे यात्रियों की आवाजाही सुगम बनी रहे।
बैठक में उत्तराखण्ड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना) अभिनव कुमार तथा सचिव गृह शैलेश बगौली ने कांवड़ मेला-2026 की तैयारियों की जानकारी साझा करते हुए सभी संबंधित राज्यों और एजेंसियों से बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का आग्रह किया।
इस दौरान हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिले में की जा रही तैयारियों, सुरक्षा उपायों, यातायात प्रबंधन, प्रतिबंधों और मेले के लिए बनाई गई विस्तृत कार्ययोजना की जानकारी दी। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग प्रबंधन, संयुक्त निगरानी प्रणाली और एकीकृत नियंत्रण एवं कमांड व्यवस्था पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया।
बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, विनीत कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. वी. मुरूगेशन, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका, आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक कुंभ मेला डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एसपी निशा यादव ने किया।

