17 july 2026 ; Dehradun!
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश का असर चारधाम यात्रा पर भी देखने को मिल रहा है। शुक्रवार सुबह केदारनाथ धाम जाने वाले पैदल मार्ग पर भैरवनाथ मंदिर के निकट जंगलचट्टी क्षेत्र में पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर गिरने के कारण यात्रा को एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गौरीकुंड से आगे किसी भी श्रद्धालु को जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार देर रात पहाड़ी से भारी चट्टानें और मलबा पैदल मार्ग पर आ गिरा, जिससे रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया। संभावित खतरे को देखते हुए तत्काल आवाजाही बंद कर दी गई। शुक्रवार सुबह स्थिति का जायजा लेने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने तक यात्रा स्थगित रखने का निर्णय लिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, डीडीआरएफ, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव दल मार्ग से बोल्डर हटाने, ढलानों का निरीक्षण करने और यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि आगे किसी प्रकार का खतरा न रहे। लगातार हो रही बारिश के कारण चट्टानें खिसकने की आशंका बनी हुई है, इसलिए काम पूरी सावधानी के साथ किया जा रहा है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब तक विशेषज्ञों की टीम मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं करती, तब तक किसी भी श्रद्धालु को पैदल मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मौसम और मार्ग की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। यात्रियों से यह भी कहा गया है कि अगली सूचना मिलने तक गौरीकुंड या निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें तथा मौसम सामान्य होने और मार्ग बहाल होने के बाद ही आगे की यात्रा शुरू करें।
बारिश के इस दौर में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और बोल्डर गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन ने सभी यात्रियों से सतर्क रहने, मौसम की जानकारी लेते रहने और सुरक्षा निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की सलाह दी है।

