16 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकपर्व हरेला के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि हरेला केवल एक लोकपर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, पर्यावरण संरक्षण के संकल्प और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित एवं समृद्ध भविष्य के निर्माण का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह पर्व जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कामना की कि हरेला का पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, खुशहाली और नई ऊर्जा का संचार करे।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता के लिए विश्वभर में विशेष पहचान रखता है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल स्रोतों, नदियों तथा गाड़-गदेरों के पुनर्जीवन और संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से समाज में वृक्षारोपण के प्रति व्यापक जन-जागरूकता बढ़ी है। इसी क्रम में हरेला पर्व पर वन एवं उद्यान विभाग द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण आज केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि जन-भावना से जुड़ा जनआंदोलन बन चुका है। इससे भावी पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ेगी और प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने सभी प्रदेशवासियों से हरेला पर्व पर अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों से भी इस अभियान को जनआंदोलन बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया।

