13 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी के बाद गढ़वाल रेंज प्रशासन ने संभावित आपदाओं से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। रेंज कार्यालय के कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है और पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग तथा जिला प्रशासन के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य बिना देरी शुरू किए जा सकें।
पर्वतीय जिलों में भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कें बंद होने और नदियों-नालों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी और पौड़ी सहित संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मौसम से जुड़ी हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और स्थानीय प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा जाए।
चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाए रखने के लिए कंट्रोल रूम से यात्रा मार्गों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है। मार्गों की स्थिति, मौसम के बदलाव और यातायात संबंधी अपडेट लगातार एकत्र किए जा रहे हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर यात्रियों को समय रहते सूचना दी जा सके और वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू की जा सकें।
इसके साथ ही मसूरी, चकराता, नैनीताल और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर स्थापित पर्यटन चौकियों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहां तैनात पुलिस और प्रशासनिक टीमें पर्यटकों को मौसम की ताजा जानकारी दे रही हैं तथा जोखिम वाले इलाकों में जाने से रोकने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रही हैं।
संभावित आपदाओं से निपटने के लिए एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें आवश्यक राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं। वहीं जेसीबी मशीनों और सड़क खोलने वाले दलों को भी रणनीतिक स्थानों पर रखा गया है, ताकि भूस्खलन या मलबा आने की स्थिति में मार्गों को जल्द से जल्द सुचारु किया जा सके। नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।
पिछले वर्ष भारी बारिश के दौरान चमोली, उत्तरकाशी और पौड़ी गढ़वाल में हुए भूस्खलनों से हुई जनहानि को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले से अधिक सतर्कता बरती जा रही है। गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने रेंज कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी बनाए रखने और सभी पर्यटन चौकियों व संबंधित इकाइयों से हर तीन घंटे में मार्गों एवं मौसम की स्थिति की रिपोर्ट लेने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित कंट्रोल रूम या पुलिस को दें।

