12 july 2026 ; Dehradun!
अल्मोड़ा। शिक्षा की गुणवत्ता और सरकारी विद्यालयों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने की दिशा में अल्मोड़ा जिले ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘प्रचेष्टा-1′ मूल्यांकन में जिले के सरकारी विद्यालयों को 327 अंक प्राप्त हुए हैं। इस उपलब्धि के साथ अल्मोड़ा ने उत्तराखंड की राज्य स्तरीय रैंकिंग में छठा स्थान हासिल किया है। यह प्रदर्शन जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
प्रचेष्टा-1 मूल्यांकन के तहत विद्यालयों का आकलन केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं को भी शामिल किया गया। इनमें प्रभावी कक्षा शिक्षण, विद्यालयों का आधारभूत ढांचा, विद्यार्थियों के अधिकार और उपलब्ध सुविधाएं, स्कूल सुरक्षा एवं बाल संरक्षण, डिजिटल शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे प्रमुख मानकों को आधार बनाया गया।
अल्मोड़ा जिले को प्रभावी कक्षा शिक्षण के क्षेत्र में 131 अंक, आधारभूत सुविधाएं एवं छात्र अधिकार में 57 अंक, स्कूल सुरक्षा एवं बाल संरक्षण में 28 अंक, डिजिटल लर्निंग में 19 अंक तथा गवर्नेंस प्रोसेस में 22 अंक प्राप्त हुए। इन सभी श्रेणियों के संयुक्त मूल्यांकन के बाद जिले का कुल स्कोर 327 अंक दर्ज किया गया।
राज्य स्तरीय रैंकिंग में चमोली ने 352 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद पिथौरागढ़ (344 अंक), बागेश्वर (343 अंक), देहरादून (340 अंक) और पौड़ी गढ़वाल (335 अंक) क्रमशः दूसरे से पांचवें स्थान पर रहे। अल्मोड़ा के बाद नैनीताल (326 अंक), चंपावत (324 अंक) और टिहरी गढ़वाल (322 अंक) का स्थान रहा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रचेष्टा-1 का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का व्यापक मूल्यांकन करना है, ताकि जहां कमियां हैं उन्हें चिन्हित कर समयबद्ध सुधारात्मक योजनाएं लागू की जा सकें। इस प्रक्रिया से विद्यालयों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की रैंकिंग केवल प्रदर्शन का आकलन नहीं करती, बल्कि विद्यालयों को गुणवत्ता सुधार की दिशा में लगातार बेहतर कार्य करने के लिए भी प्रेरित करती है। आने वाले समय में अल्मोड़ा के विद्यालय यदि डिजिटल शिक्षा, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर और अधिक ध्यान दें, तो जिले की रैंकिंग में और सुधार की संभावना भी मजबूत मानी जा रही है।

