11 july 2026 ; देहरादून।
उत्तराखंड सरकार का संस्कृति विभाग सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत गुजरात स्थित सोमनाथ धाम के लिए विशेष रेल यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। 13 जुलाई को हर्रावाला रेलवे स्टेशन से रवाना होने वाली इस विशेष ट्रेन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से चयनित 720 श्रद्धालु सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए रवाना होंगे। यात्रा को सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से विभाग ने रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय तेज कर दिया है।
संस्कृति विभाग के निदेशक प्रदीप जोशी ने 8 जुलाई को मुरादाबाद मंडल के मंडलीय रेल प्रबंधक को पत्र भेजकर विशेष ट्रेन के संचालन और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। विभाग ने उत्तर क्षेत्र आईआरसीटीसी, लखनऊ के अनुरोध पर ट्रेन संचालन के लिए रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में 9 लाख रुपये की अग्रिम राशि भी जमा करा दी है, जिससे यात्रा संबंधी तैयारियों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। ट्रेन में सुबह का नाश्ता, दोपहर और रात्रि भोजन, पीने का स्वच्छ पानी, चाय-कॉफी, शीतल पेय, छाछ तथा पैक्ड नारियल पानी की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक स्टाफ, नामित अधिकारी तथा प्रभावी संपर्क व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
संस्कृति विभाग ने हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के निर्धारित ठहराव की व्यवस्था करने का भी अनुरोध किया है, ताकि वहां से यात्रा से जुड़े आवश्यक प्रबंध सुचारु रूप से पूरे किए जा सकें।
इस धार्मिक यात्रा का शुभारंभ भी विशेष रूप से भव्य बनाने की तैयारी है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार हर्रावाला रेलवे स्टेशन से राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसके लिए स्टेशन परिसर में मंच, पंडाल, बैठक व्यवस्था, अतिथियों के स्वागत-सम्मान और ट्रेन की आकर्षक सजावट की जिम्मेदारियां संबंधित विभागों को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
संस्कृति विभाग का मानना है कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। सरकार की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और यादगार यात्रा का अनुभव मिले तथा इस पहल के माध्यम से प्रदेश और सोमनाथ धाम के बीच सांस्कृतिक संबंधों को भी नई मजबूती मिले।

