10 july 2026
देहरादून। बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे की गिनती और उसके प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के मामले में अब जांच प्रक्रिया तेज होने जा रही है। शासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति की पहली बैठक जल्द आयोजित की जाएगी, जिसके बाद पूरे मामले की औपचारिक जांच शुरू होगी। इसके साथ ही समिति को मंदिर में दान-चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए सुझाव तैयार करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति का उद्देश्य केवल आरोपों की जांच करना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति से बचने के लिए व्यवस्थागत सुधारों का खाका तैयार करना भी है।
जानकारी के अनुसार, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दान-चढ़ावे की गिनती, रिकॉर्ड संधारण, निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू करने की तैयारी कर रही है। नई एसओपी के तहत दान की पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और तकनीकी निगरानी से जोड़ने पर भी विचार किया जा सकता है।
गुरुवार शाम गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप पौड़ी से लौटते समय चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप पहुंचे, जहां उनका कार्यालय भी स्थित है। उन्होंने करीब एक घंटे तक अधिकारियों के साथ आवश्यक प्रशासनिक विषयों पर चर्चा की। इसी परिसर में बीकेटीसी का कार्यालय भी मौजूद है, जिससे माना जा रहा है कि जांच की रूपरेखा और आगे की कार्रवाई को लेकर प्रारंभिक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, समिति जल्द ही संबंधित अधिकारियों और मंदिर समिति के प्रतिनिधियों से जानकारी जुटाकर दस्तावेजों की जांच शुरू करेगी। जांच पूरी होने के बाद शासन को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आवश्यक प्रशासनिक निर्णय लिए जाएंगे। यदि किसी स्तर पर अनियमितता की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।
शासन का मानना है कि बदरीनाथ धाम जैसे देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के दान-चढ़ावे का प्रबंधन पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय होना चाहिए। इसी उद्देश्य से जांच के साथ-साथ भविष्य के लिए मजबूत और स्पष्ट व्यवस्था तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

