10 july 2026
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग द्वारा जारी भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहकर स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेशभर की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में वर्षा की स्थिति, प्रमुख नदियों के जलस्तर, सड़क संपर्क, भूस्खलन की संभावनाओं और राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का विस्तृत आकलन किया गया। अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए।
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार 10 जुलाई के लिए नैनीताल, ऊधमसिंहनगर और चंपावत जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इसे देखते हुए सभी जिलाधिकारियों, पुलिस, एसडीआरएफ, लोक निर्माण विभाग, पेयजल, विद्युत और स्वास्थ्य विभाग को पूरी तैयारी के साथ तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं।
चारधाम यात्रा को लेकर भी सरकार ने विशेष एहतियात बरतने के निर्देश जारी किए हैं। खराब मौसम की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित होल्डिंग प्वाइंट पर रोका जाएगा और उन्हें भोजन, स्वच्छ पेयजल, आवश्यक दवाइयां, बच्चों के लिए दूध तथा ठहरने जैसी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मौसम सामान्य होने और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाए।
राज्य सरकार ने लोगों से भी अपील की है कि मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष को दें। प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सभी संसाधन तैयार हैं।

