9 july 2026 : Dehradun!
देहरादून। प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक पर्व हरेला के अवसर पर 16 जुलाई को उत्तराखंड में व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। उद्यान विभाग की ओर से पूरे प्रदेश में 11 लाख फलदार, सगंध और औषधीय प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही एक लाख चाय के पौधों का भी रोपण किया जाएगा। इस विशेष अभियान का उद्देश्य हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को जनभागीदारी से मजबूत बनाना है।
इस संबंध में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को अपने कैंप कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पौधारोपण अभियान की सभी व्यवस्थाएं तय समय के भीतर पूरी की जाएं और प्रत्येक जिले में योजनाबद्ध तरीके से पौधे लगाए जाएं, ताकि अभियान का अधिकतम लाभ मिल सके।
बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे पौधों का चयन करने पर विशेष जोर दिया जो स्थानीय जलवायु के अनुकूल हों और लंबे समय तक पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।
उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ऐसे पौधे लगाए जाएं जो जलस्रोतों के पुनर्जीवन, भू-जल स्तर को बनाए रखने, मिट्टी के कटाव को रोकने और जैव विविधता को बढ़ावा देने में उपयोगी साबित हों। इसके साथ ही फलदार और औषधीय पौधों से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी मिल सकते हैं।
राज्य सरकार का प्रयास है कि इस अभियान में विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण किया जाए तो यह अभियान आने वाले वर्षों में उत्तराखंड की हरित विरासत को और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

