8 july: Dehradun!
देहरादून/इम्फाल। मणिपुर के उखरुल जिले में उग्रवादियों द्वारा किए गए घातक हमले में उत्तराखंड के दो वीर जवान शहीद हो गए। शहीदों में अल्मोड़ा निवासी वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और पौड़ी गढ़वाल निवासी हवलदार चंद्रमोहन सिंह शामिल हैं। दोनों 40 असम राइफल्स के काफिले का हिस्सा थे, जिस पर सोमवार दोपहर घात लगाकर हमला किया गया। इस घटना ने पूरे उत्तराखंड को शोक में डुबो दिया है।
उखरुल में घात लगाकर किया गया हमला
जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे उखरुल जिले के नुंगशांग खोंग क्षेत्र में 40 असम राइफल्स के काफिले को निशाना बनाया गया। उग्रवादियों ने पहले आईईडी विस्फोट किया और उसके बाद अत्याधुनिक हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले में दोनों जवान गंभीर रूप से घायल हो गए और ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए। हमले में कुछ अन्य सैनिक भी घायल बताए गए हैं।
सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम सलामी
बुधवार सुबह इम्फाल के बीर टिकेंद्रजीत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों शहीदों को अंतिम सलामी दी। पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। पोस्टमॉर्टम और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दोनों के पार्थिव शरीर सेना को सौंप दिए गए, जिन्हें हेलिकॉप्टर के माध्यम से उत्तराखंड के लिए रवाना किया गया।
आज पहुंचेगा पार्थिव शरीर, कल होगा अंतिम संस्कार
सेना के अधिकारियों के अनुसार दोनों शहीदों के पार्थिव शरीर बुधवार शाम तक उनके पैतृक गांव पहुंचने की संभावना है। गुरुवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांवों में शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग अपने वीर सपूतों को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं।
तीन दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे हवलदार चंद्रमोहन सिंह
पौड़ी गढ़वाल के नैनीडांडा क्षेत्र के डांडातोली गांव निवासी हवलदार चंद्रमोहन सिंह कुछ दिन पहले ही पारिवारिक शोक से उबरकर ड्यूटी पर लौटे थे। उनके पिता का निधन मई में हुआ था और पारिवारिक दायित्व निभाने के बाद वह 3 जुलाई को दोबारा अपनी यूनिट में शामिल हुए थे। दुर्भाग्यवश, ड्यूटी ज्वाइन करने के कुछ ही दिनों बाद वह देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं।
उत्तराखंड ने खोए दो वीर सपूत
अल्मोड़ा के वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और पौड़ी के हवलदार चंद्रमोहन सिंह ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके शहीद होने की खबर से दोनों जिलों में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों ने दोनों वीर जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
राष्ट्र हमेशा याद रखेगा यह बलिदान
देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले इन दोनों वीर जवानों का बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। उनका साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। पूरा उत्तराखंड अपने इन वीर सपूतों को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।

