8 july 2026 : देहरादून।
उत्तराखंड सरकार राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अधिक सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिए हैं कि 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी पात्र नागरिकों की वृद्धावस्था पेंशन बिना अलग से आवेदन कराए स्वतः शुरू करने की व्यवस्था विकसित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बुजुर्ग जानकारी के अभाव, शारीरिक असुविधा या सरकारी प्रक्रियाओं की जटिलता के कारण समय पर पेंशन का लाभ नहीं ले पाते। ऐसी स्थिति में पात्र व्यक्तियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने के बजाय तकनीक के माध्यम से स्वतः योजना का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों के रिकॉर्ड का समन्वय कर पात्र लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का उद्देश्य यह है कि जैसे ही कोई नागरिक निर्धारित आयु सीमा पूरी करे और योजना की पात्रता की शर्तों पर खरा उतरे, उसकी पेंशन प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाए। इससे बुजुर्गों को राहत मिलेगी, समय की बचत होगी और योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों से यह भी कहा कि सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सभी योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितैषी बनाया जाए, ताकि जरूरतमंद लोगों तक सरकारी सहायता बिना किसी अनावश्यक देरी के पहुंच सके। उन्होंने विभाग को इस व्यवस्था को लागू करने के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार के इस कदम को राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत भरा निर्णय माना जा रहा है। यदि यह व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू होती है, तो भविष्य में पात्र बुजुर्गों को पेंशन के लिए अलग-अलग दस्तावेज जमा करने और आवेदन प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो सकती है।

