6 july 2026,
चंपावत। उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। लंबे समय से बेहतर रेल संपर्क की मांग कर रहे लोगों को बड़ी राहत देते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से टनकपुर–हजूर साहिब नांदेड साप्ताहिक एक्सप्रेस का शुभारंभ किया। साथ ही टनकपुर–पीलीभीत सवारी गाड़ी का विस्तार शाहजहांपुर तक किए जाने की भी शुरुआत की गई। इन दोनों फैसलों से उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध होगी।
इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। टनकपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित मुख्य समारोह में केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। समारोह में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर, इज्जतनगर मंडल की डीआरएम वीणा सिन्हा, जनप्रतिनिधि, रेलवे अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों का समग्र विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड में सड़क, रेल और हवाई संपर्क को लगातार मजबूत किया जा रहा है। टनकपुर से नांदेड तक सीधी रेल सेवा शुरू होने और शाहजहांपुर तक ट्रेन विस्तार से कुमाऊं क्षेत्र के लोगों को यात्रा में बड़ी सुविधा मिलेगी तथा राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।
धामी ने यह भी कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी केवल यात्रा को आसान नहीं बनाती, बल्कि रोजगार, व्यापार, पर्यटन और निवेश के नए अवसर भी पैदा करती है। उनका कहना था कि सीमांत जिलों को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे स्थानीय युवाओं, किसानों, व्यापारियों और छात्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
नई साप्ताहिक एक्सप्रेस के संचालन से उत्तराखंड का सीधा रेल संपर्क महाराष्ट्र के प्रमुख धार्मिक स्थल हजूर साहिब नांदेड से स्थापित हो गया है। इससे विशेष रूप से सिख श्रद्धालुओं के साथ-साथ लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। वहीं, शाहजहांपुर तक सवारी गाड़ी के विस्तार से रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों, विद्यार्थियों और छोटे व्यापारियों का सफर पहले की तुलना में अधिक सुगम हो जाएगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नई रेल सेवाओं से क्षेत्रीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। कृषि, बागवानी और स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी। इसके साथ ही उत्तराखंड के धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच बेहतर होने से पर्यटन उद्योग को भी नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय बाद सीमांत क्षेत्र को इतनी महत्वपूर्ण रेल सुविधाएं मिली हैं। उनका मानना है कि यह कदम क्षेत्र के विकास, बेहतर संपर्क और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

