6 july 2026 : देहरादून।
उत्तराखंड के इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में इस वर्ष एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रवेश के लिए नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत सीट आवंटन के बाद छात्रों को संबंधित संस्थान में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने की जरूरत नहीं होगी। अब अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कर आवश्यक शुल्क जमा करके अपनी सीट सुरक्षित कर सकेंगे।
यह निर्णय विशेष रूप से उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बरसात के मौसम में कई क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बंद होने और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं आम रहती हैं। ऐसे में दूरदराज और पर्वतीय इलाकों के विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए लंबी यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे कई बार उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
नई व्यवस्था के तहत यदि किसी छात्र के लिए मौसम या अन्य कारणों से कॉलेज पहुंचना संभव नहीं है, तो वह निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर सकता है। इसके साथ ही प्रवेश शुल्क जमा करने पर उसकी आवंटित सीट सुरक्षित मानी जाएगी। इससे प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक और छात्र हितैषी बनने की उम्मीद है।
अब तक विश्वविद्यालय की काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होती थी, लेकिन सीट मिलने के बाद दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश संबंधी औपचारिकताओं के लिए संस्थान में व्यक्तिगत रूप से पहुंचना अनिवार्य था। इस नई पहल से विद्यार्थियों को समय, धन और अनावश्यक यात्रा से राहत मिलेगी।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 में विश्वविद्यालय के छह परिसरों में विभिन्न तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की कुल 2,250 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें बीटेक की 1,140 सीटें शामिल हैं, जबकि शेष 1,110 सीटें एमटेक, एमबीए, एमसीए, बीफार्मा, एमफार्मा, बीएचएमसीटी, बीबीए, बीसीए और फार्म.डी जैसे पाठ्यक्रमों के लिए निर्धारित की गई हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि डिजिटल माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया को मजबूत बनाने से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को समय पर प्रवेश लेने का अवसर मिलेगा और प्राकृतिक बाधाओं के कारण किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। यह पहल राज्य की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

