6 july 2026 :
रुड़की। रविवार को रुड़की में करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। लगभग 40 मिमी वर्षा के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रामपुर चुंगी रहा, जहां सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया और यातायात लंबे समय तक बाधित रहा।
बारिश सुबह करीब 11:15 बजे शुरू हुई और लगभग 12:30 बजे तक जारी रही। बारिश थमने के बाद भी सड़कों पर जमा पानी देर तक नहीं निकल सका। रामपुर चुंगी में जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कें तालाब जैसी दिखाई दीं। यहां पैदल राहगीरों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा, जबकि कई दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। एक रोडवेज बस भी जलभराव के कारण कुछ समय के लिए फंस गई, जिससे यातायात प्रभावित रहा।
रामपुर चुंगी के अलावा रामनगर, सलेमपुर, रामनगर औद्योगिक क्षेत्र, पनियाला रोड, सुभाष नगर, कृष्णा नगर, शिवपुरम, पश्चिमी अंबर तालाब, पुरानी तहसील, चावमंडी, जादूगर रोड, शक्ति विहार कॉलोनी, गणेशपुर और मकतूलपुरी सहित कई इलाकों में भी बारिश का पानी सड़कों और गलियों में भर गया। लोगों को दैनिक कार्यों के लिए निकलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और नगर निगम की ओर से पहले जल निकासी व्यवस्था मजबूत किए जाने के दावे किए गए थे, लेकिन पहली तेज बारिश में ही व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हुईं। विशेष रूप से रामपुर चुंगी में वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिसके स्थायी समाधान की मांग लगातार उठती रही है।
बारिश के बाद संयुक्त मजिस्ट्रेट कार्यालय और नगर निगम के कंट्रोल रूम में चावमंडी, रामनगर, जादूगर रोड, अंबर तालाब और शक्ति विहार कॉलोनी समेत कई क्षेत्रों से जलभराव की शिकायतें दर्ज कराई गईं। लोगों ने मांग की कि जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य किए जाएं।
शहर में हुए व्यापक जलभराव के बाद नालों की सफाई को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बड़े नालों की सफाई समय पर पूरी नहीं हुई, जिसके कारण बारिश का पानी तेजी से निकल नहीं सका। कई जगह नालों का पानी उल्टा बहकर सड़कों पर आ गया और स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।
रविवार की यह बारिश एक बार फिर संकेत दे गई कि मानसून के दौरान रुड़की को जलभराव से बचाने के लिए केवल दावे नहीं, बल्कि मजबूत और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था की आवश्यकता है। यदि समय रहते आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो आगामी दिनों में होने वाली भारी बारिश शहरवासियों की मुश्किलें और बढ़ा सकती है।

