5 july 2026, dehradun!
देहरादून/हिमाचल प्रदेश की सीमावर्ती पर्वतीय श्रृंखलाओं में स्थित माउंट देव टिब्बा एक बार फिर साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति की मिसाल का गवाह बना, जब National Cadet Corps (एनसीसी) के अखिल भारतीय पर्वतारोहण अभियान में शामिल उत्तराखंड निदेशालय के तीन कैडेटों ने बेहद कठिन परिस्थितियों के बीच सफलतापूर्वक शिखरारोहण कर तिरंगा फहराया। यह उपलब्धि न केवल साहसिक खेलों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि युवा शक्ति के अनुशासन और मानसिक दृढ़ता का भी प्रतीक है।
इस अभियान में हिस्सा लेने वाले कैडेटों ने लगभग 5,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में चढ़ाई पूरी की, जहाँ मौसम पल-पल बदलता है और ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम हो जाता है। तेज हवाओं, बर्फीले रास्तों और खड़ी चढ़ाइयों के बीच भी टीम ने हार नहीं मानी और लगातार आगे बढ़ते हुए अपने लक्ष्य को हासिल किया।
सुबह के लगभग चार बजे बेस कैंप से शुरू हुई यह चढ़ाई केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं थी, बल्कि मानसिक धैर्य, टीमवर्क और नेतृत्व कौशल की भी कठिन परीक्षा थी। कई जगहों पर फिसलन भरे रास्ते और ठंड के कारण शरीर सुन्न करने वाली परिस्थितियाँ थीं, लेकिन कैडेटों ने अपने प्रशिक्षण और आत्मविश्वास के बल पर हर चुनौती को पीछे छोड़ दिया।
इस अभियान में दून विश्वविद्यालय की 11 यूके बटालियन एनसीसी की कैडेट सायशा पंवार, 84 यूके बटालियन एनसीसी की कैडेट नैना देवी और वन यूके एयर स्क्वाड्रन एनसीसी देहरादून के एसयूओ हिमांशु सिंह ने उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया।
इन तीनों कैडेटों ने जिस समर्पण और साहस का परिचय दिया, उसने यह साबित कर दिया कि सही प्रशिक्षण और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ किसी भी कठिनाई को अवसर में बदला जा सकता है। उनके हर कदम में अनुशासन, समन्वय और लक्ष्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता दिखाई दी।
यह पूरा अभियान देशभर से चुने गए कैडेटों के लिए आयोजित एक विशेष पर्वतारोहण प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य युवाओं में साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ाना और उन्हें कठिन परिस्थितियों में नेतृत्व करने के लिए तैयार करना है।
उत्तराखंड निदेशालय के अधिकारियों ने इस उपलब्धि को अत्यंत गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के अभियानों से न केवल शारीरिक क्षमता का विकास होता है, बल्कि आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण गुण भी विकसित होते हैं।
यह उपलब्धि इस बात का मजबूत संदेश देती है कि जब अनुशासन, टीम भावना और साहस एक साथ आते हैं, तो हिमालय जैसी ऊँचाइयाँ भी छोटी लगने लगती हैं। देव टिब्बा की इन बर्फीली चोटियों पर लहराया तिरंगा आज उत्तराखंड के हर युवा के लिए गर्व और प्रेरणा का प्रतीक बन गया है।

