4 july 2026,
भारी बारिश में धंसा सड़क का हिस्सा, कार फंसी
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के मेरठ-करनाल हाईवे सेक्शन में स्थित खेड़ा मस्तान गांव के पास भारी बारिश के दौरान सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। इस घटना में वहां से गुजर रही एक यात्री कार गड्ढे में फंसकर क्षतिग्रस्त हो गई।
घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो कुछ ही घंटों में तेजी से वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से खुला मामला
घटना की जानकारी पहले आधिकारिक चैनलों से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया वीडियो के जरिए सामने आई। प्रभावित यात्री ने भी Instagram पर वीडियो पोस्ट कर संबंधित अधिकारियों से शिकायत की।
वीडियो वायरल होने के बाद मामला गंभीरता से लिया गया और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता व निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।
NHAI की त्वरित कार्रवाई, मरम्मत कार्य शुरू
मामला सामने आने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तुरंत संज्ञान लिया और प्रभावित हिस्से पर मरम्मत कार्य शुरू कराया।
धंसे हुए सड़क हिस्से को भरकर अस्थायी रूप से ठीक किया गया और यातायात को फिर से सुचारू कर दिया गया। इसके साथ ही पानी की निकासी के लिए एक अस्थायी नाली भी बनाई गई ताकि आगे बारिश में जलभराव की स्थिति न बने।
जांच में निर्माण और निगरानी में लापरवाही उजागर
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि समस्या सिर्फ भारी बारिश की वजह से नहीं थी, बल्कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी में गंभीर खामियां भी जिम्मेदार थीं।
रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि संबंधित इंजीनियरिंग टीम द्वारा नियमित निरीक्षण और समय पर सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, जिससे यह स्थिति पैदा हुई।
टीम लीडर और प्रोजेक्ट मैनेजर सस्पेंड
जवाबदेही तय करते हुए NHAI ने बड़ा कदम उठाया है। परियोजना में शामिल टीम लीडर और ठेकेदार कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
इसके अलावा इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी CPC (Chaitanya Projects Consultancy) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और तीन दिन के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
एक अधिकारी डिबार, भविष्य की निगरानी पर जोर
जांच के आधार पर कंसल्टेंसी से जुड़े एक सहायक अभियंता को भी डिबार किया गया है। यह कदम इस बात को दर्शाता है कि अब परियोजनाओं में निगरानी और गुणवत्ता मानकों को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है।
परियोजना की विश्वसनीयता पर सवाल, सुधार पर फोकस
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे एक प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, जो दिल्ली और उत्तराखंड के बीच यात्रा समय को कम करने के लिए बनाया जा रहा है।
ऐसी घटनाओं के बाद परियोजना की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल जरूर खड़े हुए हैं, लेकिन NHAI का कहना है कि आगे ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए निगरानी और तकनीकी जांच को और मजबूत किया जाएगा।

