3 july 2026,
देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री रेखा आर्या ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित गतिविधियां प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बीएलओ के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ प्रतिदिन कम से कम एक घंटा अपने केंद्र पर विभागीय कार्यों के लिए भी अवश्य दें, ताकि बच्चों और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं का संचालन सुचारु रूप से चलता रहे।
विधानसभा स्थित सभागार में आयोजित बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि विभाग की अधिकांश योजनाएं केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता से संचालित होती हैं और उनकी प्रगति की लगातार ऑनलाइन निगरानी की जाती है। यदि समय पर पोर्टल पर डाटा अपडेट नहीं किया गया तो भविष्य में विभाग को मिलने वाले बजट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसे गंभीर विषय बताते हुए उन्होंने विभागीय सचिव को सभी जिलाधिकारियों के माध्यम से आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा।
बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 438 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 2,773 सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है। लक्ष्य रखा गया है कि अगस्त माह के अंत तक सभी नियुक्तियां पूरी कर ली जाएं, जिससे लंबे समय से खाली पड़े पद भर सकें और केंद्रों की कार्यप्रणाली मजबूत हो।
इसके अलावा मंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों के आधार कार्ड और अपार आईडी बनाए जाने की धीमी प्रगति पर असंतोष जताया। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी जिला प्रोबेशन अधिकारियों को निर्देश दिए कि जुलाई के अंत तक प्रत्येक पंजीकृत बच्चे का आधार कार्ड और अपार आईडी तैयार कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों और महिलाओं से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे। इसके लिए फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की सक्रियता, नियमित डाटा अपडेट और विभागीय समन्वय बेहद आवश्यक है।

