देहरादून, 2 जुलाई 2026।
सहारनपुर रोड स्थित लाल पुल के पास 23 जून को हुई दर्दनाक बस दुर्घटना की अब मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए उप जिलाधिकारी (सदर) देहरादून को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि दुर्घटना से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
हादसे में एक युवक की गई थी जान, चार लोग हुए थे घायल
23 जून को सुबह करीब 11 बजे नगर बस (वाहन संख्या UK07PA-0287) लाल पुल के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में राजीवनगर, पटेलनगर निवासी 22 वर्षीय आहद की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया था।
जांच में हर पहलू की होगी गहन पड़ताल
जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार जांच केवल दुर्घटना के कारणों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे घटनाक्रम का व्यापक परीक्षण किया जाएगा। जांच अधिकारी यह भी पता लगाएंगे कि दुर्घटना के समय बस में चालक सहित कितने लोग सवार थे, घायलों की वास्तविक स्थिति क्या है और मृतक के आश्रित कौन हैं।
इसके अलावा परिवहन विभाग की तकनीकी रिपोर्ट, वाहन की फिटनेस, कर संबंधी अभिलेख, मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों का पालन तथा वाहन संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की भी जांच की जाएगी।
भविष्य में हादसे रोकने के लिए भी दिए जाएंगे सुझाव
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट में केवल दुर्घटना के कारणों का उल्लेख ही नहीं होगा, बल्कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुझाव भी शामिल किए जाएंगे। रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आम लोगों से भी मांगे गए साक्ष्य
यदि किसी व्यक्ति के पास इस दुर्घटना से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण जानकारी, दस्तावेज, फोटो, वीडियो या प्रत्यक्षदर्शी के रूप में कोई साक्ष्य उपलब्ध है, तो वह अगले एक सप्ताह के भीतर उप जिलाधिकारी (सदर) कार्यालय अथवा न्यायालय में किसी भी कार्य दिवस पर लिखित या मौखिक रूप से अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है। प्रशासन का कहना है कि जांच को निष्पक्ष और तथ्यपरक बनाने के लिए सभी उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार किया जाएगा।
निष्पक्ष जांच पर प्रशासन का जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाए, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारण सामने आ सकें। प्रशासन का मानना है कि तथ्यों के आधार पर की गई कार्रवाई न केवल पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने में सहायक होगी, बल्कि भविष्य में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था को भी अधिक मजबूत बनाने में मदद करेगी।

