2 july 2026
उत्तराखंड के ग्रामीण श्रमिकों के लिए एक जुलाई से नई विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (वीबी-जी राम जी) लागू कर दी गई है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के साथ ही मजदूरी दर में बढ़ोतरी और रोजगार के दिनों में विस्तार किया गया है। इससे राज्य के लाखों ग्रामीण परिवारों को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।
नई योजना के तहत अब श्रमिकों को प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी मिलेगी, जबकि पहले मनरेगा के अंतर्गत यह राशि 252 रुपये प्रतिदिन थी। यानी प्रत्येक कार्य दिवस पर मजदूरों को 48 रुपये अधिक मिलेंगे। इसके साथ ही सालभर में मिलने वाले रोजगार की अवधि भी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।
योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास कार्यों को भी गति देना है। इसके तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने और आपदा राहत से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।
प्रदेश में पहले मनरेगा के तहत करीब 10 लाख जॉब कार्ड जारी किए गए थे, हालांकि इनमें से लगभग 6.73 लाख जॉब कार्ड ही सक्रिय हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक 4.42 लाख लोगों ने रोजगार की मांग की थी, जिनमें से 3.52 लाख श्रमिकों को काम उपलब्ध कराया गया।
नई योजना लागू होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अधिक मजदूरी और अतिरिक्त 25 दिनों के रोजगार से ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही विकास कार्यों की रफ्तार तेज होने से गांवों के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।

