2 july 2026
देहरादून। मानसून के मौसम में संभावित आपदाओं और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने 30 सितंबर तक नदियों में होने वाली सभी प्रकार की खनन गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट आशीष चौहान ने अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि इस अवधि के दौरान जिले की किसी भी नदी में खनन कार्य नहीं होना चाहिए और स्टोन क्रशर भी संचालित नहीं किए जाएं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई से 30 सितंबर तक यदि कोई वाहन अवैध रूप से खनिज सामग्री का परिवहन करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में वाहन को जब्त करने के साथ-साथ संबंधित लोगों पर भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मानसून के दौरान नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे स्थित पर्यटन स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी ने इन स्थानों पर चेतावनी सायरन और सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए, ताकि जलस्तर बढ़ने या किसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को समय रहते सचेत किया जा सके। इसके साथ ही नदी किनारे रहने वाले परिवारों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
बैठक में विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों के कारण खोदी गई सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी विभाग या कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण दुर्घटना होती है तो संबंधित अधिकारी और एजेंसी के खिलाफ जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन ने विशेष तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कहा गया है कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली ऐसी गर्भवती महिलाओं की पहचान की जाए जिनकी डिलीवरी अगले एक सप्ताह से दस दिनों के भीतर संभावित है। जरूरत पड़ने पर उन्हें पहले से ही अस्पतालों या सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि खराब मौसम या आपात स्थिति में इलाज में किसी प्रकार की बाधा न आए।
जिला प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान जनजीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सतर्कता बरतने और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

