2 july 2026
उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और लगातार हो रही बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने गुरुवार, 2 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में भी येलो अलर्ट लागू किया गया है। विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
लगातार बारिश से कई क्षेत्रों में बढ़ीं मुश्किलें
बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में दिनभर रुक-रुक कर तेज बारिश हुई। राजधानी देहरादून में कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली, जिससे यातायात प्रभावित रहा और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। पहाड़ी जिलों में भी फिसलन बढ़ने और छोटे भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।
तापमान में दर्ज हुई उल्लेखनीय गिरावट
लगातार बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया है। देहरादून में अधिकतम तापमान घटकर 25.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 6 डिग्री कम है। उधम सिंह नगर में अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री और न्यूनतम 25.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं मुक्तेश्वर में अधिकतम 18.0 डिग्री और न्यूनतम 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। टिहरी में अधिकतम तापमान 21.4 डिग्री तथा न्यूनतम 16.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
प्रशासन ने लोगों से बरतने को कहा एहतियात
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है और आपदा प्रबंधन टीमें भी अलर्ट मोड में हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने, पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय सावधानी बरतने और खराब मौसम में अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की अपील की है।
आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने के संकेत
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां बनी रह सकती हैं। कई जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव जैसी स्थितियों को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

