23 june 2026,
भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाजों में शुमार रोहित शर्मा को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में से एक पद्मश्री से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान क्रिकेट के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान, रिकॉर्डतोड़ उपलब्धियों और भारतीय टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए दिया गया।
संघर्ष से शिखर तक का सफर
रोहित शर्मा का अंतरराष्ट्रीय करियर 2007 में शुरू हुआ था। शुरुआती वर्षों में प्रतिभा होने के बावजूद वह निरंतर प्रदर्शन नहीं कर पाए, लेकिन 2013 में उन्हें सीमित ओवरों की क्रिकेट में ओपनिंग की जिम्मेदारी मिली और यहीं से उनके करियर ने नई उड़ान भरी। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी और बड़े स्कोर बनाने की क्षमता ने उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक सलामी बल्लेबाजों में शामिल कर दिया।
रिकॉर्ड्स के बादशाह बने ‘हिटमैन’
वनडे क्रिकेट में रोहित शर्मा के नाम कई ऐसे रिकॉर्ड हैं जो उन्हें खास बनाते हैं। एकदिवसीय क्रिकेट में 264 रन की ऐतिहासिक पारी आज भी विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज है। इसके अलावा उन्होंने कई दोहरे शतक लगाए और बड़े मंचों पर भारत को यादगार जीत दिलाई। टी20 क्रिकेट में भी उन्होंने लंबे समय तक भारतीय टीम की बल्लेबाजी की कमान संभाली और अपने आक्रामक अंदाज से विरोधी गेंदबाजों पर दबाव बनाया।
कप्तान के रूप में भी छोड़ी अमिट छाप
सिर्फ बल्लेबाज ही नहीं, रोहित शर्मा एक सफल कप्तान के रूप में भी पहचाने जाते हैं। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया। शांत स्वभाव, रणनीतिक सोच और खिलाड़ियों पर भरोसा करने की उनकी शैली ने उन्हें आधुनिक दौर के सफल कप्तानों की सूची में शामिल किया। यही वजह है कि क्रिकेट प्रेमियों के बीच उनका सम्मान सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक नेता के रूप में भी है।
परिवार और प्रशंसकों के लिए गर्व का पल
राष्ट्रपति भवन में सम्मान ग्रहण करते समय रोहित शर्मा का यह क्षण उनके परिवार, साथियों और करोड़ों प्रशंसकों के लिए गर्व का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर भी उनके सम्मान को लेकर बधाइयों की बाढ़ देखने को मिली। कई पूर्व क्रिकेटरों और खेल जगत की हस्तियों ने इसे भारतीय क्रिकेट के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
खेल जगत के लिए प्रेरणा
पद्मश्री सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है जो बड़े सपने लेकर क्रिकेट में कदम रखते हैं। रोहित शर्मा की कहानी यह साबित करती है कि प्रतिभा के साथ धैर्य, मेहनत और निरंतरता हो तो कोई भी खिलाड़ी विश्व क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना सकता है। पद्मश्री के रूप में मिला यह सम्मान उनके शानदार करियर में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ता है।

