23 june 2026
देहरादून। शहर की लंबे समय से लंबित आढ़त बाजार शिफ्टिंग परियोजना अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। देहराखास में विकसित किए गए नए आढ़त बाजार में करीब 170 आढ़तियों को प्लॉट आवंटित किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसके साथ ही शहर के सबसे बड़े यातायात अवरोधों में शामिल पुराने आढ़त बाजार क्षेत्र को खाली कराने और सड़क चौड़ीकरण कार्य को तेज गति मिलने की उम्मीद है।
नए बाजार में तैयार हैं अधिकांश सुविधाएं
देहराखास में लगभग 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित किए जा रहे आधुनिक आढ़त बाजार का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना के तहत व्यापारियों और ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बहुमंजिला पार्किंग, आंतरिक सड़कें, पेयजल व्यवस्था के लिए ओवरहेड टैंक तथा अन्य आधारभूत ढांचे विकसित किए गए हैं। इसके अलावा हरिद्वार बाईपास से बाजार तक पहुंचने के लिए दो समानांतर संपर्क मार्ग भी तैयार किए जा चुके हैं।
प्रशासन का मानना है कि नए बाजार के संचालन में आने के बाद थोक कारोबार को बेहतर स्थान मिलेगा और शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों पर दबाव कम होगा।
सड़क चौड़ीकरण परियोजना को मिलेगा बड़ा लाभ
आढ़त बाजार के स्थानांतरण का सीधा असर सहारनपुर चौक से तहसील चौक तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना पर पड़ेगा। करीब 1.55 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को 24 मीटर चौड़ा किया जाना है। वर्तमान में यही क्षेत्र भारी वाहनों और थोक व्यापारिक गतिविधियों के कारण लगातार जाम की समस्या से जूझता है।
परियोजना पूरी होने के बाद पुराने शहर की यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आने की संभावना है। इससे न केवल रोजाना आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी सुगम हो सकेगी।
मुआवजा और अधिग्रहण प्रक्रिया में आई तेजी
सड़क चौड़ीकरण और बाजार शिफ्टिंग से प्रभावित संपत्तियों के अधिग्रहण का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। कुल 422 प्रभावित संपत्तियों में से बड़ी संख्या में संपत्तियों का स्वामित्व संबंधित विभाग के पक्ष में हस्तांतरित किया जा चुका है। प्रभावित लोगों को करोड़ों रुपये का मुआवजा वितरित किया गया है और कई संपत्ति स्वामियों ने मुआवजा प्राप्त करने के बाद अपने भवनों को स्वयं हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
विवादित मामलों का भी निकाला जा रहा समाधान
परियोजना में बाधा बन रही विवादित संपत्तियों के मामलों में भी प्रशासन ने प्रगति दर्ज की है। संबंधित संपत्तियों का मूल्यांकन कर मुआवजे की राशि न्यायालय में जमा कराई जा रही है, ताकि कानूनी प्रक्रियाओं के समानांतर विकास कार्य प्रभावित न हों। इससे परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन की संभावना मजबूत हुई है।
शहर को जाम से राहत मिलने की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि आढ़त बाजार के स्थानांतरण और सड़क चौड़ीकरण के बाद देहरादून के पुराने हिस्से में ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो सकता है। वर्षों से जाम और अव्यवस्थित यातायात की समस्या झेल रहे इस क्षेत्र में आने वाले महीनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रशासन का लक्ष्य है कि वर्ष के अंत तक परियोजना के प्रमुख हिस्सों को पूरा कर आम जनता को इसका लाभ पहुंचाया जाए।

