16 june 2026
बरेली/हल्द्वानी। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सड़क संपर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है। केंद्र सरकार ने बरेली से हल्द्वानी के बीच प्रस्तावित लगभग 100 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेज दी गई है। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से बरेली, बहेड़ी, किच्छा, रुद्रपुर क्षेत्र, लालकुआं और हल्द्वानी समेत कई शहरों के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
यात्रा होगी तेज और सुविधाजनक
वर्तमान में बरेली और हल्द्वानी के बीच फोरलेन सड़क मौजूद है, लेकिन बढ़ते यातायात और पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए एक नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। नया मार्ग बनने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। साथ ही भारी वाहनों और माल परिवहन को भी बेहतर सुविधा मिलेगी।
पर्यटन उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ
हल्द्वानी को उत्तराखंड का प्रवेश द्वार माना जाता है। यहां से नैनीताल, भीमताल, मुक्तेश्वर, रानीखेत और अल्मोड़ा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होती है। नया एक्सप्रेसवे बनने से दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और अन्य क्षेत्रों से आने वाले पर्यटकों को तेज और सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिलेगा। इससे कुमाऊं क्षेत्र के पर्यटन कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी। बरेली और कुमाऊं मंडल के बीच कृषि उत्पाद, औद्योगिक सामान और अन्य व्यापारिक गतिविधियों का आदान-प्रदान पहले से अधिक तेज और सुगम हो सकेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश आकर्षित होगा और नए रोजगार अवसर भी पैदा होंगे।
आसपास के क्षेत्रों में बढ़ेगी विकास की रफ्तार
एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित कस्बों और शहरों में भूमि मूल्य बढ़ने, नए व्यवसाय स्थापित होने और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क परियोजनाएं केवल आवागमन ही नहीं सुधारतीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देती हैं।
ऐतिहासिक संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
इतिहासकारों के अनुसार बरेली और कुमाऊं क्षेत्र के बीच सदियों पुराना सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध रहा है। नया एक्सप्रेसवे इन संबंधों को और मजबूत करेगा तथा दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
क्या होगा सबसे बड़ा फायदा?
- बरेली से हल्द्वानी की यात्रा होगी तेज।
- नैनीताल और कुमाऊं के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान।
- व्यापार और माल परिवहन को मिलेगा लाभ।
- स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर।
- आसपास के शहरों और कस्बों में निवेश बढ़ने की संभावना।
- उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी होगी और मजबूत।
यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे आने वाले वर्षों में उत्तर भारत की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल हो सकता है और दोनों राज्यों के विकास में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है।

