6 june 2026
हरिद्वार। नगर निगम हरिद्वार से जुड़े चर्चित भूमि खरीद प्रकरण में निलंबित चल रहे दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को फिलहाल राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। राज्य सरकार के बाद केंद्र सरकार ने भी उनके निलंबन की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। जारी आदेशों के अनुसार तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह और तत्कालीन नगर निगम आयुक्त वरुण चौधरी आगामी छह माह तक निलंबित रहेंगे।
जांच पूरी होने तक यथास्थिति बरकरार
सरकारी सूत्रों के अनुसार भूमि खरीद मामले की जांच अभी जारी है और संबंधित तथ्यों, दस्तावेजों तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है। जांच पूरी होने और सक्षम प्राधिकारी द्वारा अंतिम निर्णय लिए जाने तक दोनों अधिकारियों का निलंबन प्रभावी रहेगा। अधिकारियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
मामला क्यों चर्चा में है
हरिद्वार नगर निगम की ओर से की गई भूमि खरीद को लेकर कुछ प्रक्रियागत और वित्तीय पहलुओं पर सवाल उठाए गए थे। इन्हीं बिंदुओं को आधार बनाकर मामले की जांच शुरू की गई थी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया गया था। यह मामला राज्य में लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है और इसकी प्रगति पर विभिन्न विभागों की नजर बनी हुई है।
केंद्र सरकार ने बढ़ाया निलंबन
चूंकि दोनों अधिकारी अखिल भारतीय सेवा (आईएएस) से संबंधित हैं, इसलिए उनके निलंबन की समीक्षा निर्धारित नियमों के तहत की जाती है। हालिया समीक्षा के बाद केंद्र सरकार ने निलंबन अवधि को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस निर्णय का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को प्रभावित हुए बिना आगे बढ़ाना बताया जा रहा है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
प्रकरण से जुड़े सभी पक्ष अब जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। जांच एजेंसियां और संबंधित विभाग उपलब्ध अभिलेखों तथा अन्य तथ्यों का परीक्षण कर रहे हैं। अंतिम निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह मामला जांचाधीन है। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है और जांच पूरी होने तक उन्हें आरोप मात्र माना जाएगा।

