17 may 2026
नई दिल्ली: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा और अहम फैसला लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की है कि अगले साल से NEET परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।
देशभर में लाखों छात्र हर साल NEET परीक्षा के जरिए मेडिकल कॉलेजों में दाखिले का सपना देखते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में परीक्षा लगातार विवादों में रही। पेपर लीक, परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ी, फर्जी उम्मीदवारों की एंट्री और परिणामों को लेकर उठे सवालों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर असर डाला। कई राज्यों में जांच एजेंसियों को भी सक्रिय होना पड़ा था। ऐसे में सरकार पर परीक्षा प्रणाली को बदलने का दबाव लगातार बढ़ रहा था।
अब CBT मोड लागू होने के बाद छात्रों को कंप्यूटर पर परीक्षा देनी होगी। माना जा रहा है कि इससे प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका काफी कम हो जाएगी, क्योंकि डिजिटल सिस्टम में प्रश्नपत्र सीधे सुरक्षित सर्वर के माध्यम से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे। इसके अलावा परीक्षा की निगरानी भी तकनीकी माध्यमों से अधिक सख्ती से की जा सकेगी।
शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था लागू करने से पहले देशभर के परीक्षा केंद्रों को तकनीकी रूप से तैयार किया जाएगा। इंटरनेट कनेक्टिविटी, कंप्यूटर लैब, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी सहायता को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है ताकि परीक्षा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
हालांकि इस फैसले को लेकर छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग हैं। शहरी क्षेत्रों के कई छात्रों ने इसे समय के अनुसार जरूरी बदलाव बताया है, लेकिन ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के अभ्यर्थियों ने चिंता जताई है कि सभी छात्रों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा का समान अनुभव नहीं मिल पाता। कई छात्रों का कहना है कि उन्हें डिजिटल परीक्षा प्रणाली की अलग से तैयारी करनी पड़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार परीक्षा से पहले बड़े स्तर पर मॉक टेस्ट और अभ्यास सत्र आयोजित करती है, तो छात्रों को नई प्रणाली समझने में आसानी होगी। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि CBT मोड केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा सकता है।
अब छात्रों को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से जारी होने वाले नए परीक्षा पैटर्न, समय-सारणी और दिशा-निर्देशों का इंतजार है। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में इस नई परीक्षा प्रणाली को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी की जा सकती है।

