13 may 2026
देहरादून। उत्तराखंड सरकार जल्द ही राज्य में नई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति लागू करने की तैयारी में है। बढ़ते पेट्रोल-डीजल खर्च, प्रदूषण और ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए सरकार अब ईंधन बचत को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों के साथ बैठक में साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में सरकारी और निजी स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, नई नीति के तहत ईवी खरीदने पर सब्सिडी, चार्जिंग स्टेशनों का विस्तार और टैक्स में राहत जैसी सुविधाएं दी जा सकती हैं। सरकार का मानना है कि इससे आम जनता का खर्च कम होगा और राज्य में प्रदूषण पर भी नियंत्रण लगेगा।
इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “ग्रीन इंडिया” और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है। केंद्र सरकार लगातार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की बात कर रही है और उत्तराखंड भी उसी दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
इसके साथ ही राज्य सरकार ऑनलाइन कक्षाओं और “वर्क फ्रॉम होम” व्यवस्था को भी बढ़ावा देने पर विचार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि कुछ सरकारी और निजी कार्य घर से किए जाएं, तो रोजाना सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी, जिससे ईंधन की बचत होगी। खासकर बड़े शहरों जैसे देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी में इसका असर देखने को मिल सकता है।
शिक्षा विभाग भी डिजिटल पढ़ाई को मजबूत बनाने की योजना तैयार कर रहा है। ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए छात्रों को घर बैठे शिक्षा देने का प्रयास होगा, जिससे यात्रा में लगने वाला समय और ईंधन दोनों बच सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नई ईवी नीति, ऑनलाइन शिक्षा और वर्क फ्रॉम होम को सही तरीके से लागू किया गया, तो उत्तराखंड देश के उन राज्यों में शामिल हो सकता है जो पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के क्षेत्र में नई मिसाल पेश करेंगे।

