13 may 2026
उत्तराखंड सरकार ने उपनलकर्मियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उनकी सेवा शर्तों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे उपनलकर्मियों को अब नौकरी की सुरक्षा और सुविधाओं के मामले में राहत मिलने जा रही है। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों की सेवा अवधि बढ़ाने के साथ-साथ छुट्टियों और नियुक्ति प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है।
सरकार की ओर से जारी नई व्यवस्था के अनुसार अब उपनलकर्मी 60 वर्ष की आयु तक सेवाएं दे सकेंगे। पहले कई विभागों में कर्मचारियों की सेवा अवधि को लेकर अलग-अलग नियम लागू थे, जिससे कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी रहती थी। नए फैसले के बाद सभी कर्मचारियों के लिए एक समान व्यवस्था लागू होने की उम्मीद है।
इसके अलावा उपनलकर्मियों को अब हर वर्ष 27 छुट्टियों का लाभ भी मिलेगा। इसमें आकस्मिक अवकाश और अन्य निर्धारित छुट्टियां शामिल रहेंगी। कर्मचारियों का कहना था कि लगातार कार्य के बावजूद उन्हें पर्याप्त अवकाश नहीं मिल पाता था, जिससे मानसिक और पारिवारिक समस्याएं बढ़ रही थीं। नई नीति से कर्मचारियों को राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
सबसे बड़ा बदलाव नियुक्ति प्रक्रिया में किया गया है। अब कर्मचारियों को अस्थाई अनुबंध के बजाय संविदा के आधार पर रखा जाएगा। इससे कर्मचारियों को नौकरी में अधिक स्थिरता मिलेगी और सेवा संबंधी अधिकार भी स्पष्ट होंगे। माना जा रहा है कि इससे भविष्य में वेतन, सेवा विस्तार और अन्य सुविधाओं को लेकर भी स्पष्ट नीति बन सकेगी।
सरकार का कहना है कि यह निर्णय कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों उपनलकर्मियों को इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा। वहीं कर्मचारी संगठनों ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक पहल बताया है, हालांकि उन्होंने नियमितीकरण की मांग अभी भी जारी रखने की बात कही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और सरकारी कार्यों में कार्यक्षमता पर भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। आने वाले समय में सरकार उपनलकर्मियों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी निर्णय ले सकती है।

