हर साल कार्तिक माह पूर्णिमा तिथि पर देव दिवाली मनाई जाती है। देव दीपावाली का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह पर्व उत्तरप्रदेश के वाराणसी काशी में भव्य रूप से मनाया जाता है।
देव दीपावाली का मतलब है ,”देवताओं की दीपावली” दिवाली के 15 दिन बाद वाराणसी में देव दीपावाली का पर्व भव्य रूप से मनाया जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सभी देवी देवता स्वर्ग से धरती के वाराणसी “काशी” के गंगा घाट में स्नान करने आते है, और दीप भी जलाते है।
देव दीपावाली की पौराणिक कथा भगवान शिव और त्रिपुरासुर नामक एक राक्षस से जुड़ी है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन महादेव ने त्रिपुरासुर रक्षक के कहर से देवताओं को मुक्त किया था।
इसी उत्साह में सभी देवता गण धरती पर काशी के गंगा घाट पर दीवाली मनाने आते है।
देव दीपावाली का शुभ मुहूर्त 5 नवंबर को शाम 05:15 मिनट से शुरू होकर शाम 7:50 तक रहेगा। इस मुहूर्त का दौरान पूजा पाठ और दीप दान कर सकते है।
दिनांक – 04.11.2025

