10 june 2026
देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्य की मानसून तैयारियों, आपदा प्रबंधन और सड़क सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बारिश के मौसम में उत्तराखंड में जान-माल का नुकसान न्यूनतम हो और राहत-बचाव व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय रहे।
🌧️ मानसून से पहले पूरी तैयारी के निर्देश
सीएम धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि मानसून शुरू होने से पहले ही सभी जिलों में:
- भूस्खलन (landslide) संभावित क्षेत्रों की पहचान और निगरानी
- नदियों और नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था मजबूत करना
- राहत सामग्री, दवाइयाँ और खाद्य सामग्री का पर्याप्त स्टॉक रखना
- आपातकालीन सेवाओं को 24×7 सक्रिय मोड में रखना
उनका फोकस इस बात पर रहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान सड़क बंदी और कट-ऑफ स्थिति तुरंत संभाली जा सके।
🚨 आपदा प्रबंधन (Disaster Management) पर सख्त निर्देश
- मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड एक संवेदनशील हिमालयी राज्य है, इसलिए:
- सभी जिलों में आपदा कंट्रोल रूम सक्रिय रहें
- SDRF और रेस्क्यू टीमें हर समय तैयार रहें
- सूचना मिलते ही तुरंत राहत दल मौके पर पहुंचे
- संवेदनशील इलाकों में ड्रोन, GPS और मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग बढ़ाया जाए
उन्होंने यह भी कहा कि रिस्पॉन्स टाइम कम से कम होना चाहिए, ताकि किसी भी हादसे में तुरंत मदद पहुंच सके।
🛣️ सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था
सीएम धामी ने सड़क सुरक्षा को लेकर भी सख्त रुख अपनाया और निर्देश दिए कि:
- भूस्खलन संभावित सड़कों पर नियमित निगरानी हो
- ब्लैक स्पॉट (accident-prone zones) को तुरंत ठीक किया जाए
- खराब सड़कों की मरम्मत मानसून से पहले पूरी हो
- पहाड़ी मार्गों पर क्रैश बैरियर और चेतावनी संकेत बढ़ाए जाएं
उन्होंने यह भी कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना सरकार की प्राथमिकता है।
🏥 स्वास्थ्य और जरूरी सेवाओं पर ध्यान
बैठक में स्वास्थ्य विभाग को भी निर्देश दिए गए कि:
- अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य किया जाए
- एंबुलेंस और मेडिकल ट्रांसपोर्ट तैयार रहें
- गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों के लिए इमरजेंसी ट्रांसपोर्ट व्यवस्था हो
- पानी और बिजली सप्लाई बाधित न हो
📌 आसान भाषा में समझें तो
सीएम धामी ने साफ संदेश दिया है कि मानसून के दौरान:
👉 कोई लापरवाही नहीं चलेगी
👉 हर विभाग “अलर्ट मोड” में रहेगा
👉 सबसे पहले प्राथमिकता होगी जन सुरक्षा और त्वरित राहत कार्य

