देहरादून ; 20.10.2026,
हिंदू नेशनल कॉलेज में दशहरा मेले का आयोजन, भारतीय संस्कृति और सामाजिक एकता के महत्व पर मुख्यमंत्री ने रखे विचार
देहरादून। राजधानी देहरादून में विजयादशमी का पर्व उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी की ओर से हिंदू नेशनल कॉलेज में रावण दहन एवं दशहरा मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की और रावण दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए पर्व की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि दशहरा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि जीवन में सत्य, धर्म और न्याय के सिद्धांतों को अपनाने की प्रेरणा देने वाला पर्व है। भगवान श्रीराम और रावण के प्रसंग के माध्यम से यह पर्व मनुष्य को सही और गलत के बीच अंतर समझने तथा सदैव सत्य का साथ देने की सीख देता है। रावण दहन की परंपरा हमें याद दिलाती है कि बुराइयों पर विजय प्राप्त करने के लिए सबसे पहले अपने भीतर सकारात्मक बदलाव लाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में अहंकार, क्रोध, लालच और नकारात्मक विचार कई बार उसके विवेक को प्रभावित करते हैं। दशहरा इन अवगुणों को त्यागकर विनम्रता, संयम और सदाचार की राह अपनाने का अवसर प्रदान करता है। भगवान श्रीराम का जीवन इस बात का उदाहरण है कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से पीछे नहीं हटना चाहिए। उनके आदर्श परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों को निष्ठा के साथ निभाने की प्रेरणा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने दशहरा मेले जैसे आयोजनों को भारतीय परंपराओं के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को देश की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथाओं से परिचित होने का अवसर मिलता है। त्योहारों का वास्तविक महत्व तभी सार्थक होता है, जब उनसे मिलने वाली सीख को दैनिक जीवन और व्यवहार में भी अपनाया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मेलों और उत्सवों के जरिए लोगों को आपसी संवाद, सहयोग और सौहार्द बढ़ाने का अवसर मिलता है। इस प्रकार के आयोजन सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर सामूहिक सहभागिता की भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं।
मुख्यमंत्री ने लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम की सराहना की और आयोजन को सफल बनाने में जुटे सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। पर्वों के मूल संदेश को आत्मसात करके ही उनके उद्देश्यों को जीवन में उतारा जा सकता है।
हिंदू नेशनल कॉलेज परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और आयोजन से जुड़े लोग शामिल हुए। रावण दहन के साथ आयोजित दशहरा मेले ने लोगों को परंपरा, आस्था और सामाजिक मेल-जोल से जुड़ने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की विजय, नैतिक मूल्यों की रक्षा और समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।

