देहरादून ; 20.10.2026,
देहरादून। परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह पर्व व्यक्ति को अपने विचारों, व्यवहार और कार्यों का मूल्यांकन करने की प्रेरणा भी देता है।
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के जीवन और रावण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्य, धर्म और सदाचार की शक्ति के सामने अहंकार तथा अधर्म अधिक समय तक टिक नहीं सकते। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में त्याग, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और मर्यादा का जो उदाहरण प्रस्तुत किया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि विजयादशमी का वास्तविक महत्व तभी सार्थक होगा, जब लोग अपने जीवन से बुरे विचारों, अहंकार और नकारात्मक प्रवृत्तियों को दूर करने का प्रयास करेंगे।
संस्कृति और सामाजिक सौहार्द की रक्षा सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक समरसता से जुड़ी है। राज्य सरकार इन मूल्यों को सुरक्षित रखने के साथ प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए चलाए गए अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया है।
उन्होंने सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं पर सख्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं में क्षतिपूर्ति की वसूली के उद्देश्य से राज्य में दंगारोधी कानून लागू किया गया है। साथ ही, धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को भ्रमित करने अथवा धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
आधुनिक शिक्षा से तैयार होगा भविष्य का उत्तराखण्ड
मुख्यमंत्री ने बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तार्किक क्षमता, नवाचार और नई परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने की योग्यता विकसित करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। शिक्षित, जागरूक और कौशलयुक्त युवा ही आने वाले समय में उत्तराखण्ड की प्रगति को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
निवेश और रोजगार के अवसरों से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के आर्थिक विकास पर चर्चा करते हुए कहा कि निवेश को बढ़ावा देना, उद्यमिता को प्रोत्साहित करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना समय की आवश्यकता है। स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है।
उन्होंने कहा कि विकास की प्रक्रिया में युवाओं को बेहतर अवसर मिलना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन बढ़ना जरूरी है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो, स्थानीय कारोबार को प्रोत्साहन मिले और प्रदेश के विभिन्न वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि से राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलने के साथ लोगों की आजीविका के साधन भी बढ़ सकते हैं।
रामराज्य की अवधारणा में न्याय, सुशासन और जनकल्याण का महत्व
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को सुशासन और जनकल्याण से जोड़ते हुए कहा कि रामराज्य की कल्पना ऐसे समाज की है, जहां न्याय, समानता, कर्तव्य और लोकहित को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि विकास का अर्थ केवल आर्थिक प्रगति नहीं है। राज्य की आध्यात्मिक पहचान, धार्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक संपदा को संरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है। विकास और विरासत के बीच संतुलन बनाए रखते हुए प्रदेश को आगे बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
श्रीराम के आदर्श अपनाने का किया आह्वान
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विजयादशमी के अवसर पर सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्य के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति सामूहिक जिम्मेदारी और सहयोग से ही संभव है। ऐसा उत्तराखण्ड बनाने के लिए सभी को योगदान देना होगा, जहां प्रत्येक व्यक्ति को न्याय मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों, महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिले और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को व्यवहार में उतारना ही विजयादशमी के संदेश को जीवन में अपनाने का सार है। आपसी सद्भाव, जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच के साथ समाज को आगे बढ़ाने से प्रदेश में खुशहाली और समावेशी विकास की राह मजबूत हो सकती है।
दशहरा महोत्सव में कैबिनेट मंत्री खजान दास, बन्नू बिरादरी के पदाधिकारी एवं सदस्य, आयोजन समिति के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। आयोजन के दौरान विजयादशमी के पर्व से जुड़ी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति उत्साह देखने को मिला।

