28 june 2026,
रुड़की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की में आयोजित ‘युवा शक्ति संवाद’ कार्यक्रम में प्रदेश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड का भविष्य उसकी युवा शक्ति पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और युवाओं की ऊर्जा, नवाचार तथा प्रतिभा विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, खेलो इंडिया और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी योजनाओं ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को नए व्यवसाय शुरू करने, कौशल विकसित करने और स्वरोजगार अपनाने के अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा उत्तराखंड तैयार करना है, जहां युवाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े। इसके लिए प्रदेश में रोजगार, उद्योग, पर्यटन और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली कई योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवा प्रोत्साहन योजना, दीनदयाल उपाध्याय योजना और हाउस ऑफ हिमालयाज जैसे कार्यक्रम स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ युवाओं के लिए आय के नए स्रोत भी तैयार कर रहे हैं।
सीएम धामी ने बताया कि स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, नई पर्यटन नीति, होम-स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड अभियान तथा सौर स्वरोजगार जैसी पहलों से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति को दर्शाती है। साथ ही नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखंड ने देश में पहला स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में रिवर्स माइग्रेशन का सकारात्मक माहौल बन रहा है। दूसरे राज्यों में अनुभव हासिल करने वाले युवा वापस लौटकर अपने गांवों और शहरों में उद्यम स्थापित कर रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल रही है।
युवाओं के हितों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लागू देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। इसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां मिली हैं।
उच्च शिक्षा और औद्योगिक विकास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 20 मॉडल कॉलेजों की स्थापना, महिला छात्रावास, आधुनिक आईटी लैब, परीक्षा भवन और उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। इसके अलावा पिछले साढ़े चार वर्षों में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिससे निवेश बढ़ने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध हुए हैं।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने युवाओं से नवाचार, कौशल विकास और उद्यमिता को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण होगी।

