देहरादून, 25 जून।
उत्तराखंड सरकार राज्य की एकल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित स्वरोजगार योजनाओं को और अधिक गति देने जा रही है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एकल महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत चयनित 211 लाभार्थियों को जल्द ही पहली किस्त की धनराशि जारी की जाएगी, जिससे वे अपने व्यवसायिक कार्यों की शुरुआत कर सकें।
यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चयनित महिलाओं तक सहायता राशि पहुंचाने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लाभार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
सैकड़ों महिलाएं पहले ही शुरू कर चुकी हैं रोजगार
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने योजना की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। जानकारी के अनुसार अब तक 484 एकल महिलाओं को योजना के तहत पहली किस्त प्रदान की जा चुकी है। इन महिलाओं ने पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, किराना व्यवसाय, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य छोटे उद्योगों के माध्यम से अपना रोजगार स्थापित करना शुरू कर दिया है।
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनके जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है। उन्होंने बताया कि जल्द आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम में शेष 211 महिलाओं को भी सहायता राशि वितरित की जाएगी।
अगस्त से शुरू होगी नए आवेदनों की प्रक्रिया
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना का विस्तार करते हुए सरकार ने लगभग 2000 महिलाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए अगस्त माह से नए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए ताकि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ आसानी से मिल सके।
सरकार का मानना है कि स्वरोजगार के अवसर बढ़ने से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी मजबूत होगी और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में छोटे उद्यमों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
तीलू रौतेली और आंगनबाड़ी सम्मान पुरस्कार की तैयारी तेज
समीक्षा बैठक में आगामी राज्य स्तरीय महिला सम्मान समारोह की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। मंत्री ने बताया कि 8 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार और आंगनबाड़ी सम्मान पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए आवेदन और चयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि योग्य उम्मीदवारों का चयन समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए।
नंदा गौरा योजना की 4000 से अधिक बालिकाओं को मिलेगा लाभ
बैठक में नंदा गौरा योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। विभागीय जानकारी के अनुसार हरिद्वार और उत्तरकाशी जिलों की 4000 से अधिक पात्र बालिकाएं तकनीकी और दस्तावेजी प्रक्रियाओं में विलंब के कारण अब तक सहायता राशि से वंचित थीं। सरकार ने इन सभी बालिकाओं के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 19.22 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि भेजने की तैयारी पूरी कर ली है।
महिला कल्याण योजनाओं को प्राथमिकता
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की निगरानी नियमित रूप से की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से मजबूत महिला न केवल अपने परिवार बल्कि समाज और राज्य के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी सोच के साथ सरकार महिला सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर लगातार नए कदम उठा रही है।

