22 june 2026
देहरादून। सड़क निर्माण और रखरखाव के क्षेत्र में उत्तराखंड द्वारा अपनाई गई डिजिटल तकनीकों को अब अन्य राज्यों में भी सराहना मिल रही है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश में आयोजित एक उच्चस्तरीय तकनीकी बैठक में उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग (PWD) के चीफ इंजीनियर राजेश शर्मा ने राज्य के ‘डिजिटल रोड मैनेजमेंट मॉडल’ की विस्तृत प्रस्तुति दी। इस दौरान उन्होंने बताया कि किस तरह आधुनिक तकनीकों के उपयोग से सड़क परियोजनाओं की निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण और समयबद्ध क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाया गया है।
बैठक में विभिन्न राज्यों के इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। प्रस्तुति के दौरान उत्तराखंड में सड़क निर्माण कार्यों की डिजिटल मॉनिटरिंग, जीआईएस आधारित मैपिंग, ऑनलाइन प्रोजेक्ट ट्रैकिंग और रियल टाइम डेटा संग्रहण जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष चर्चा हुई। राजेश शर्मा ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से निर्माण कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और परियोजनाओं के निष्पादन में तेजी आई है।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण कई चुनौतियों से जुड़ा होता है, लेकिन डिजिटल तकनीकों के इस्तेमाल से भौगोलिक कठिनाइयों के बावजूद बेहतर योजना और संसाधन प्रबंधन संभव हुआ है। इससे न केवल लागत नियंत्रण में मदद मिली है, बल्कि कार्यों की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जा रही है।
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने उत्तराखंड के इस मॉडल में गहरी रुचि दिखाई और इसे अन्य पर्वतीय राज्यों के लिए उपयोगी बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सिस्टम अपनाने से सड़क निर्माण क्षेत्र में जवाबदेही बढ़ेगी और परियोजनाओं में होने वाली देरी को कम किया जा सकेगा।
उत्तराखंड का यह डिजिटल मॉडल अब सड़क अवसंरचना विकास के क्षेत्र में एक सफल उदाहरण के रूप में उभर रहा है। राज्य सरकार और लोक निर्माण विभाग की पहल से विकसित यह व्यवस्था भविष्य में देश के अन्य राज्यों के लिए भी मार्गदर्शक साबित हो सकती है।

