22 june 2026
कर्णप्रयाग (चमोली)। हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंग सिख तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच कर्णप्रयाग में हुए विवाद को लेकर उत्तराखंड सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने पूरे मामले की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच कराने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि घटना से जुड़ी वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकें।
गृह सचिव शैलेश बगौली ने इस संबंध में गढ़वाल रेंज के आईजी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही एडीजी कानून-व्यवस्था को मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर कई तरह की भ्रामक जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करने की अपील की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी घटना को बिना तथ्यों के सांप्रदायिक रंग देना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे सामाजिक सौहार्द भी प्रभावित हो सकता है।
राज्य सरकार ने कहा कि उत्तराखंड हमेशा से धार्मिक सद्भाव और तीर्थ परंपराओं का सम्मान करने वाला प्रदेश रहा है। ऐसे में किसी भी वर्ग, समुदाय या धार्मिक समूह के खिलाफ नफरत फैलाने या माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है। स्थानीय प्रशासन क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। वहीं, जांच के जरिए विवाद के कारणों और घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
सरकार ने सभी पक्षों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचना चाहिए और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

