20 june 2026
देहरादून। उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना को निर्धारित समय पर पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। शुक्रवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में दिसंबर 2028 तक रेल लाइन का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य दोहराया गया।
करीब 125 किलोमीटर लंबी यह रेल परियोजना राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों को देश के रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। परियोजना के पूरा होने से देवभूमि के कई जिलों में आवागमन आसान होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
बैठक के दौरान राज्य सरकार ने उत्तरकाशी तक नई रेल लाइन परियोजना को मंजूरी देने की मांग भी उठाई। अधिकारियों का मानना है कि उत्तरकाशी क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने से चारधाम यात्रा और सीमांत क्षेत्रों के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। इस संबंध में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की गई।
इसके अलावा देहरादून रेल मार्ग के दोहरीकरण (डबलिंग) के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श हुआ। बढ़ती यात्री संख्या और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इस परियोजना को महत्वपूर्ण बताया गया। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि दोहरीकरण से ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी और यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
राज्य सरकार ने रेलवे बोर्ड से लंबित परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देने और निर्माण कार्यों में तेजी लाने का आग्रह किया। बैठक में यह भी तय किया गया कि विभिन्न परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरे किए जा सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, उत्तरकाशी रेल परियोजना और देहरादून रेल मार्ग के दोहरीकरण जैसी योजनाएं उत्तराखंड के आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन विकास में अहम भूमिका निभाएंगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने से पर्वतीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं व्यापार के नए अवसर मिलेंगे।

