20 june 2026
देहरादून। राजधानी देहरादून में अवैध प्लाटिंग और बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रुख अपनाते हुए सहसपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण की टीम ने करीब 50 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया।
एमडीडीए को शिकायत मिली थी कि नया हाईवे स्थित कल्याणपुर क्षेत्र में भू-स्वामी जैद रफी द्वारा बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के बड़े स्तर पर आवासीय कॉलोनी विकसित की जा रही है। सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें शिकायत सही पाई गई।
जांच के दौरान सामने आया कि भूमि को कई प्लाटों में विभाजित कर उनका सीमांकन किया जा चुका था। इसके अलावा कॉलोनी के भीतर आवागमन के लिए सीसी सड़क का निर्माण भी कराया गया था। हालांकि, इस पूरी परियोजना के लिए विकास प्राधिकरण से कोई मानचित्र स्वीकृति या आवश्यक अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी।
कार्रवाई के दौरान एमडीडीए की टीम ने प्लाटों के चिन्हीकरण को हटाया तथा कॉलोनी में बनाई गई सीसी सड़क और अन्य अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में यह अभियान शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि विकास प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध प्लाटिंग और निर्माण गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुनियोजित शहरी विकास और नियमों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। कल्याणपुर में की गई कार्रवाई उन लोगों के लिए चेतावनी है जो बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित कर रहे हैं।
वहीं, एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि देहरादून और आसपास के विकास क्षेत्रों में अवैध निर्माण एवं प्लाटिंग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसी गतिविधियां पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
खरीदारों को भी सतर्क रहने की सलाह
प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्लाट या संपत्ति को खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति और स्वीकृतियों की जांच अवश्य कर लें। बिना स्वीकृति विकसित कॉलोनियों में निवेश करने से भविष्य में आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
एमडीडीए की इस कार्रवाई को देहरादून में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में अनियमित विकास पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

