16 june 2016
पांवटा साहिब। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बीच संपर्क व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सिरमौर जिले की पांवटा साहिब तहसील के भगानी क्षेत्र में यमुना नदी पर प्रस्तावित नए पुल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। पुल परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण को सरकार ने मंजूरी देते हुए अधिसूचना जारी कर दी है।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार परियोजना के लिए करीब 11 बीघा 7 बिस्वा भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। राहत की बात यह है कि भूमि अधिग्रहण के चलते किसी परिवार के विस्थापित होने की संभावना नहीं है, जिससे स्थानीय लोगों में भी परियोजना को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार द्वारा जारी अधिसूचना में बताया गया है कि प्रस्तावित पुल मुख्य जिला मार्ग-94 (पांवटा साहिब-डाकपत्थर मार्ग) को यमुना नदी के पार उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र स्थित नावघाट-भीमावाला मार्ग से जोड़ेगा। पुल के निर्माण के बाद दोनों राज्यों के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम और तेज होगा।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पुल के बनने से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। क्षेत्र के किसान, छोटे कारोबारी और रोजाना आवाजाही करने वाले लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार संबंधी जरूरतों के लिए दोनों राज्यों के बीच आने-जाने वाले नागरिकों की सुविधा भी बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी। बेहतर सड़क नेटवर्क और पुल निर्माण से पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिल सकती है।
अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही पुल निर्माण की दिशा में प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां तेज होने की उम्मीद है। परियोजना पूरी होने के बाद यह पुल हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बीच संपर्क का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरेगा।

