16 june 2026
नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य की न्यायिक व्यवस्था से जुड़े 35 वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों को बड़ी राहत और सम्मान प्रदान करते हुए उन्हें चयन वेतनमान (Selection Grade) का लाभ देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जारी अधिसूचना के अनुसार अधिकारियों को उत्तराखंड उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली-2004 के नियम 27 के तहत जे-6 वेतनमान श्रेणी में शामिल किया गया है।
नए वेतनमान के तहत पात्र अधिकारियों को ₹1,63,030 से ₹2,19,090 तक का वेतन लाभ मिलेगा। न्यायालय के आदेश के अनुसार अधिकांश अधिकारियों को यह लाभ पूर्व प्रभाव से दिया जाएगा, जिससे उन्हें वेतन एवं अन्य वित्तीय देयों का भी लाभ प्राप्त होगा। अलग-अलग अधिकारियों के लिए प्रभावी तिथि और अवधि भिन्न निर्धारित की गई है।
न्यायिक सेवा में उत्कृष्ट योगदान का मिला सम्मान
उच्च न्यायालय प्रशासन का मानना है कि चयन वेतनमान केवल आर्थिक लाभ नहीं है, बल्कि यह न्यायिक अधिकारियों की लंबे समय से दी जा रही सेवाओं, अनुभव और कार्यकुशलता का सम्मान भी है। इस निर्णय से राज्य की न्यायिक सेवाओं में कार्यरत अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा और न्यायिक कार्यों में और अधिक दक्षता आने की उम्मीद है।
विभिन्न जिलों और संस्थानों के अधिकारी हुए लाभान्वित
चयन वेतनमान पाने वाले अधिकारियों में जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालयों के प्रधान न्यायाधीश, श्रम न्यायालयों के पीठासीन अधिकारी, लोक अदालतों के अध्यक्ष तथा विभिन्न आयोगों और प्राधिकरणों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अधिकारी शामिल हैं।
लाभ पाने वालों में पौड़ी के जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्म सिंह, चमोली के जिला एवं सत्र न्यायाधीश विंध्याचल सिंह, बागेश्वर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज तोमर, रुद्रप्रयाग की जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीना अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त उत्तराखंड हाईकोर्ट, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लोक सेवा आयोग, पुलिस शिकायत प्राधिकरण तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में तैनात न्यायिक अधिकारियों को भी इस निर्णय का लाभ मिलेगा।
सेवानिवृत्त अधिकारियों को भी मिलेगा लाभ
विशेष बात यह है कि चयन वेतनमान का लाभ कुछ सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों को भी प्रदान किया गया है। इससे उन्हें पेंशन और अन्य वित्तीय देयों में संशोधित लाभ प्राप्त हो सकेंगे। न्यायिक सेवा से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम सेवा के दौरान किए गए योगदान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाएगा।
न्यायिक व्यवस्था को मिलेगा सकारात्मक संदेश
कानूनी जानकारों के अनुसार उच्च न्यायालय का यह निर्णय न्यायिक अधिकारियों के लिए प्रेरणादायक साबित होगा। इससे न केवल न्यायिक सेवा में कार्यरत अधिकारियों का उत्साह बढ़ेगा बल्कि युवा न्यायिक अधिकारियों को भी बेहतर कार्य प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य की न्यायिक व्यवस्था में गुणवत्ता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय समय-समय पर न्यायिक अधिकारियों के सेवा हितों से जुड़े मामलों पर निर्णय लेता रहा है। चयन वेतनमान प्रदान करने का यह फैसला भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे न्यायिक सेवा को अधिक सशक्त और प्रभावी बनाया जा सके।

