11 june 2026
दिल्ली एक बार फिर उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा और विरासत का साक्षी बनने जा रही है। उत्तराखंड लोक महोत्सव 2026 का आयोजन 25 अगस्त से शुरू होकर 21 दिनों तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश के दर्शकों को पहाड़ी संस्कृति की अनोखी झलक देखने को मिलेगी। यह आयोजन भारतीय सांस्कृतिक कैलेंडर में अपनी लंबी अवधि और व्यापक स्वरूप के कारण विशेष महत्व रखता है।
500 से अधिक कलाकार देंगे रंगारंग प्रस्तुतियां
इस महोत्सव की सबसे बड़ी खासियत इसमें शामिल होने वाले कलाकार हैं। देशभर से 500 से अधिक लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। लोक गीतों की मधुर धुनें, पारंपरिक नृत्य की ऊर्जा और पहाड़ी जीवन की झलक मंच को जीवंत बनाएंगी।
इसके साथ ही विभिन्न राज्यों के कलाकार भी अपनी-अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को मजबूती देंगे।
हिलजात्रा और छोलिया नृत्य होंगे मुख्य आकर्षण
महोत्सव में पिथौरागढ़ की ऐतिहासिक और अनूठी परंपरा हिलजात्रा का भव्य मंचन किया जाएगा। यह प्रस्तुति उत्तराखंड की लोक मान्यताओं, कृषि जीवन और सांस्कृतिक प्रतीकों को जीवंत रूप में दर्शाएगी।
इसके अलावा छोलिया लोक नृत्य भी दर्शकों को आकर्षित करेगा, जो अपनी तेज़-तर्रार लय और पारंपरिक शौर्य भाव के लिए प्रसिद्ध है। हर दिन आयोजित होने वाली स्टार नाइट्स में देश और उत्तराखंड के लोकप्रिय कलाकार मंच की शोभा बढ़ाएंगे।
संस्कृति के साथ व्यापार और रोजगार का भी मंच
यह महोत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह उत्तराखंड के हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और स्थानीय उद्यमिता को भी बढ़ावा देगा। यहां 200 से अधिक प्रदर्शनी और व्यापारिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां पहाड़ी उत्पाद, हस्तनिर्मित वस्तुएं, पारंपरिक व्यंजन और स्थानीय उद्योगों के उत्पाद प्रदर्शित होंगे।
इससे न केवल संस्कृति को मंच मिलेगा, बल्कि स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिलेगी।
सांस्कृतिक संध्याएं और विशेष सम्मान समारोह
महोत्सव में “उत्तराखंड सितारे अवॉर्ड” जैसे विशेष सम्मान समारोह भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें संस्कृति, कला और समाज सेवा से जुड़े व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा।
सांस्कृतिक संध्याओं के माध्यम से हर दिन अलग-अलग थीम पर कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिससे दर्शकों को लगातार नई और विविध प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी।
मीडिया साझेदारी और राष्ट्रीय पहुंच
इस भव्य आयोजन को देशभर तक पहुंचाने में मीडिया की भी अहम भूमिका होगी। इस महोत्सव के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड लोक महोत्सव 2026 न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन है, बल्कि यह पहाड़ी जीवन, परंपरा और आधुनिक मंच के बीच एक सेतु का कार्य करेगा। 21 दिनों तक चलने वाला यह उत्सव दिल्ली में उत्तराखंड की आत्मा को जीवंत करने का प्रयास होगा, जहां कला, संस्कृति और विरासत एक साथ नजर आएंगे।

