10 june 2026
उत्तरकाशी। उत्तराखंड के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक क्षेत्र में एक एमबीए छात्रा के लापता होने का मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। छात्रा के अचानक संपर्क से बाहर हो जाने के बाद प्रशासन, पुलिस और बचाव दलों ने व्यापक खोज अभियान शुरू कर रखा है। कई दिनों से जारी तलाश के बावजूद अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्रा अपने साथियों के साथ ट्रेकिंग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दयारा बुग्याल पहुंची थी। बताया जा रहा है कि देर रात वह कैंप क्षेत्र से बाहर निकली थी। इसके बाद से उसका कोई प्रत्यक्ष संपर्क नहीं हो सका। तकनीकी जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि उसका मोबाइल फोन कुछ दूरी तक सक्रिय था, जिससे जांच एजेंसियों को घटनाक्रम को समझने में मदद मिल रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य विशेषज्ञ टीमों को खोज अभियान में लगाया गया है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों, जंगलों और संभावित ट्रेक मार्गों की लगातार जांच की जा रही है। ड्रोन और अन्य तकनीकी संसाधनों का भी उपयोग किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित सुराग को नजरअंदाज न किया जाए।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। वहीं छात्रा के परिजन उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं और खोज अभियान को और तेज करने की मांग कर रहे हैं।
इस घटना ने ट्रेकिंग और एडवेंचर गतिविधियों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्गम क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों और ट्रेकर्स के लिए सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में खोज अभियान जारी है और सभी की निगाहें जांच एजेंसियों द्वारा सामने लाई जाने वाली अगली जानकारी पर टिकी हुई हैं।

