22 may 2026
देहरादून। उत्तराखंड में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयास अब जमीन पर असर दिखाने लगे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग में स्थापित 70 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट ने बिजली खर्च में रिकॉर्ड कमी दर्ज की है।
पहले जहां विभाग का मासिक बिजली बिल करीब 1.20 लाख रुपये तक पहुंच जाता था, वहीं अब यह घटकर लगभग 1700 रुपये रह गया है। सोलर प्लांट शुरू होने के बाद विभाग अपनी जरूरत की अधिकांश बिजली खुद ही तैयार कर रहा है, जिससे न केवल सरकारी खर्च कम हुआ है बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिली है।
अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से हर महीने बड़ी मात्रा में बिजली की बचत हो रही है और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आई है। सरकार अब अन्य सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में भी इसी मॉडल को लागू करने की तैयारी कर रही है।
राज्य सरकार का मानना है कि सौर ऊर्जा अपनाने से बिजली खर्च कम होने के साथ-साथ उत्तराखंड को स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा वाले राज्यों की श्रेणी में लाने में मदद मिलेगी। हरित ऊर्जा की दिशा में उठाया गया यह कदम अब दूसरे विभागों के लिए भी प्रेरणा बनता जा रहा है।

