21 may 2026
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मंगलवार देर रात भारी भूस्खलन ने हजारों श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ा दीं। सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच मुनकटिया क्षेत्र में अचानक पहाड़ी से मलबा और बड़े पत्थर गिरने लगे, जिससे यात्रा मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। लगातार बारिश और अंधेरे के कारण हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हो गए।
भूस्खलन के बाद करीब 10 हजार श्रद्धालु अलग-अलग स्थानों पर फंस गए। सूचना मिलते ही SDRF, NDRF, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत दलों ने रातभर अभियान चलाकर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। कई जगहों पर रस्सियों और टॉर्च की मदद से लोगों को निकाला गया।
प्रशासन के मुताबिक, सबसे ज्यादा दिक्कत मुनकटिया और सोनप्रयाग के बीच देखने को मिली, जहां लगातार गिरते पत्थरों की वजह से रास्ता कई घंटों तक बाधित रहा। बचाव दलों ने पहले महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित निकाला, इसके बाद बाकी श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से हटाया गया।
रातभर चले इस अभियान के दौरान फंसे यात्रियों के लिए भोजन, पानी और अस्थायी ठहरने की व्यवस्था भी की गई। सुबह होते ही जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू हुआ, जिसके बाद पैदल आवाजाही धीरे-धीरे बहाल की गई।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी पर्वतीय इलाकों में तेज बारिश और भूस्खलन की आशंका जताई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा करने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

