16 may 2026
देहरादून। उत्तराखंड में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) को लेकर आयोग ने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने साफ कहा है कि यदि लोग पहले से जरूरी दस्तावेज तैयार रखेंगे तो सत्यापन और पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए 12 आवश्यक दस्तावेजों की सूची भी जारी की गई है।
आयोग के अधिकारियों के अनुसार कई बार लोग अंतिम समय में दस्तावेज जुटाने की कोशिश करते हैं, जिससे आवेदन प्रक्रिया में देरी होती है। इसी समस्या को देखते हुए नागरिकों को पहले से तैयार रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि सही और स्पष्ट दस्तावेज होने पर सत्यापन तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
जारी सूची में पहचान और निवास प्रमाण से जुड़े कई दस्तावेज शामिल किए गए हैं। इनमें आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली या पानी का बिल, बैंक पासबुक, जन्म प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, शैक्षिक प्रमाण पत्र, पेंशन से जुड़े दस्तावेज और सरकारी विभागों द्वारा जारी प्रमाण पत्र शामिल हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जरूरत के अनुसार इनमें से किसी एक या एक से अधिक दस्तावेजों की मांग की जा सकती है।
ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष कैंप लगाने की तैयारी भी की जा रही है ताकि उन्हें दस्तावेज सत्यापन में सुविधा मिल सके। आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया जाए, जिससे आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
राज्यभर में चल रही इस प्रक्रिया को लेकर प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान भी चला रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने दस्तावेजों की जांच पहले ही कर लें और किसी भी त्रुटि को समय रहते ठीक करा लें। आयोग का कहना है कि सही जानकारी और वैध दस्तावेज होने से भविष्य में किसी भी प्रशासनिक कार्य में दिक्कत नहीं आएगी।

