1 may 2026
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में चल रही ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। श्रीनगर गढ़वाल के पास तैयार की गई टनल-8 अब देश की सबसे लंबी रेल सुरंग की लंबाई करीब 14.5 किलोमीटर बताई जा रही है।
इस सुरंग का निर्माण बेहद चुनौतीपूर्ण भू-भाग में किया गया है, जहां कमजोर चट्टानें, पानी का रिसाव और भूकंपीय संवेदनशीलता जैसी समस्याएं सामने आईं। इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए इन चुनौतियों को पार किया।
यह सुरंग ऋषिकेश और कर्णप्रयाग के बीच बनने वाली रेल लाइन का अहम हिस्सा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में आवागमन तेज और सुगम हो जाएगा।
रेल परियोजना का सबसे बड़ा फायदा चारधाम यात्रा पर पड़ेगा। बद्रीनाथ और केदारनाथ जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंचना पहले से आसान हो जाएगा। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार और बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुरंग सिर्फ एक निर्माण उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखंड के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

